डी॰ एम॰ ए॰ ने उठाया पूर्ण डिजिटल स्कूल
की दिशा में कदम
इक्कीसवीं
सदी में संचार क्रांति में आए बदलाव को स्वीकार कर इस क्रांति का सिरमौर बनकर
सर्वप्रथम मेरठ के सुप्रतिष्ठित विद्यालय दयावती मोदी अकादमी ने
शिक्षा-व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रथम
पूर्ण डिजिटल विद्यालय बनने की ओर कदम बढ़ा दिया है। इसी क्रम में विद्यालय प्रबंधन
द्वारा चॉक, डस्टर
तथा ब्लैक बोर्ड जैसे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए सम्पूर्ण शिक्षण प्रणाली को डिजिटल किया जा रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम और कुशल शिक्षण पर निर्भर करती है, इस बात को ध्यान में रखकर सभी विद्यालय
के सभी अध्यापकों को प्रशिक्षित कर सभी कक्षाओं को डिजिटल किया गया है। स्मार्ट
कक्षाओं में लगाए गए स्मार्ट बोर्ड और इन्टरनेट के माध्यम से वीडियो, अक्षर और आवाज, तीनों माध्यमों में शिक्षण सामग्री
तैयार कर, विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है। स्तरीय तथा आसानी से
समझ में आने वाली और कुशल ट्रेनर्स द्वारा तैयार की गयी सामग्री द्वारा
विद्यार्थियों को उच्च मापदण्डों पर आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यालय ने इसे और गुणवत्तापरक बनाने के लिए
विश्व प्रसिद्ध कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट के साथ हाथ मिलाया है जिसके तहत सभी
अध्यापकों को लैपटाप तथा विद्यार्थियों को टेबलेट प्रदान किए गए है।
विद्यार्थियों के बस्ते के बोझ को हटाते हुए विद्यालय के
शिक्षक तथा विद्यार्थी
तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन अपने विचारों और संसाधनों को साझा किया जा सकेगा जो विद्यार्थियों के लिए बहुमूल्य सामग्री सिद्ध होगी। शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन साझा किए गए नोट्स, परिचर्चा, ब्लॉग अथवा ई-बुक, विडियो तथा अन्य सामग्री; को डिजिटली संकलित कर, विद्यालय की वेवसाइट, यू-ट्यूब, फेसबुक तथा ट्विटर के माध्यम से उँगलियों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन अपने विचारों और संसाधनों को साझा किया जा सकेगा जो विद्यार्थियों के लिए बहुमूल्य सामग्री सिद्ध होगी। शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन साझा किए गए नोट्स, परिचर्चा, ब्लॉग अथवा ई-बुक, विडियो तथा अन्य सामग्री; को डिजिटली संकलित कर, विद्यालय की वेवसाइट, यू-ट्यूब, फेसबुक तथा ट्विटर के माध्यम से उँगलियों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस संबंध मे विद्यालय की प्रधानाचार्या डा. (श्रीमती)
ऋतु दीवान ने कहा कि दयावती मोदी
अकादमी का प्रमुख उद्देश्य शिक्षा
प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन कर, तकनीकी तौर पर
सशक्त,
सक्षम
युवाओं को तैयार करना है। इस प्रकार की डिजिटल
वृहत पाठ्य सामग्री से बच्चों में शोध क्षमता का विकास होगा साथ ही कई तरह के
गेम्स और एप्लीकेशंस के माध्यम से शिक्षण देने से बच्चों की समझ और अधिगम में भी
वृद्धि होगी । उन्होने कहा कि विद्यालय को पूर्ण डिजिटल बनाने हेतु विद्यालय
प्रबंधन द्वारा पूर्ण रूप से सुसज्जित कंप्यूटरीकृत स्मार्ट क्लासेस का निर्माण
किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यालय में NCERT
पाठ्यक्रम के कक्षा 7
से लेकर 12 तक के सभी विषयों के वीडियो ट्यूटोरियल और अभ्यास सामग्री
उपलब्ध कराये जाएंगे। इस प्रकार
प्रदान की गई इंटरएक्टिव लर्निंग, ग्राफिक्स और चलचित्र के साथ-साथ सभी विषयों में शिक्षा
अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होगी। डिजिटल एजुकेशन की मदद से स्काइप, यामेर, लर्निंग विदाउट लिमिट तथा माइक्रोसॉफ़्ट एडुकेटर नेटवर्क से
जुड़कर विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों तथा विद्यालयों
के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिल सकेगा। इस कार्यक्रम के तहत
विद्यालय ने अनेक ख्याति प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय विद्यालयों के साथ एक्स्चेंज
प्रोग्राम स्थापित किया है। इसी क्रम में सत्र 2017 हेतु दुबई स्थित ख्याति
प्राप्त विद्यालय के साथ शिक्षण तकनीक कों सांझा किया जा रहा है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित तथा 160 विद्यार्थियों की
क्षमता युक्त 4 कम्प्युटर लैब्स, डिजिटल विज्ञान तथा गणित प्रयोगशालाएँ, डिजिटल इंडिया के स्वप्न को साकार
करने में पूर्ण रूप से सक्षम हैं। विद्यालय द्वारा सभी विषयों के शिक्षण
मोड्यूल्स को डिजिटल कर के उसे इन्टरनेट पर उपलब्ध करा जा रहा है, जिससे कि
विषय को लैपटॉप,
कंप्यूटर, टैबलेट
और स्मार्टफोन आदि पर पढ़ा जा सके। इन्टरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, विद्यालय
परिसर को हाइ स्पीड इंटरनेट वाई फ़ाई से जोड़ा गया है ताकि निर्बाध गति से शिक्षण
सुनिश्चित हो सके। विद्यालय में अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नवीन लायब्रेरी की
स्थापना की गई है जिसमें सभी विषयों पर आधारित पुस्तकें तथा ई-पुस्तकें केवल एक
क्लिक पर उपलब्ध होंगी।
अभिभावकों
से बेहतर संवाद स्थापित करने हेतु विद्यालय की वेव साइट के माध्यम से छात्रों, अभिवावकों
और शिक्षकों के लिए शिक्षा सामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। अभिभावकों को
बच्चे से संबन्धित सभी जानकारी विद्यालय द्वारा मेनेजमेंट इंफोरमेशन सिस्टम द्वरा
प्रदान किए जाने की पहल की जा रही है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, कैशलैस
ट्रांजिकशन द्वारा अभिभावकों के समय को बचाने का भी प्रयास किया गया है।
तकनीक हमेशा से नवयुग में
प्रवेश का माध्यम रही है। इक्कीसवीं सदी की शिक्षा प्रणाली में बुक्स का स्थान पर
ई-बुक्स, ब्लैकबोर्ड के स्थान पर स्मार्ट बोर्ड तथा पेन का
स्थान पर पेन ड्राइव ने ले लिया है। इसी क्रम में दयावती मोदी अकादमी द्वारा
डिजिटल तकनीक का प्रयोग कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर ज्ञान पताका फहराने
के लिए तैयार किया जा रहा है।
-शिक्षा का नया प्रारूप, डी एम ए हुआ डिजिटल।
-ISO
9001-2015 सर्टिफाइड ।
- मेरठ का प्रथम पूर्ण डिजिटल
स्कूल।
- माइक्रोसॉफ़्ट से सहभागिता।
- लैपटाप/टेबलेट द्वारा पढ़ाई।
- उच्च
प्रशिक्षित शिक्षक गण।
Vineet Upadhyay
Vineet Upadhyay